ईश्वर चिंतन सकारात्मक सोंच एवं निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है ।।

ईश्वर चिंतन सकारात्मक सोंच एवं निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है ।। Ishvar Chintan Safalata Ki Sonch Pradan Karati Hai.

जय श्रीमन्नारायण,

मित्रों, यह बात बिलकुल सत्य है, सकारात्मक सोच में चिंतन का महत्व होता है । चिंतन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है । इसमें नए विचार आपके दिमाग में आते हैं जो निर्णय लेने में भी आपके सहायक होते हैं ।।

चिंतन में आए विचार की तुरंत प्रतिक्रिया होती है । विचार को आप पसंद करते हैं या नापसंद लेकिन आपका विवेक विचार को मूर्त रूप देने के लिए अच्छे या बुरे के विषय में सोचता है ।।

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मित्रों, इस तरह से आप सही निर्णय को जानकर संभावनाओं का चुनाव कर सकते हैं । आप हर तरह की संभावनाओं के बारे में सोचें । दिमाग को खुला छोड़ दें और जो भी आपके सामने आए उस पर विचार करें ।।

वास्तविक विश्लेषण करें, क्योंकि आप स्वयं जानते हैं । विवेक से काम लेकर असंभव शब्द को अलग कर दें । इसमें आप अपने पूर्वज ऋषियों के विचारों से प्रेरणा ले सकते हैं ।।

ऋषियों के विचारों के अनुसार, ‘संभावनापूर्ण चिंतन विचारों का मुख्याधार होता है । औसतन मस्तिष्क में हर दिन दस हजार से अधिक विचार आते हैं । इनमें से अधिकांश नकारात्मक ही होते हैं ।।

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संभावनापूर्ण चिंतन सकारात्मक विचारों को नकारात्मक विचारों से अलग करता है । संभावनापूर्ण चिंतक हर विचार में यह खोजते हैं, कि क्या इसमें कुछ संभावनायें है ।।

इसीलिए हमेशा अपने सहयोगियों की सलाह जरूर लेनी चाहिए । महान व्यक्तियों का जीवन चरित्र बताता है, कि उनकी सफलता में उनके सहयोगियों का कितना अधिक स्थान था ।।

अकबर ने बादशाह बनने पर अपने नवरत्नों (सलाहकारों) की मदद से राज्य का प्रबंधन किया । महाभारत-काल में अर्जुन व्याकुल थे । यद्यपि वे कुशल योद्धा थे, परंतु उसकी सोच स्पष्ट नहीं थी ।।

पाण्डवों का राज्य कौरवों द्वारा छलपूर्वक ले लिया गया था, उनकी पत्नी द्रोपदी का अपमान भी किया गया । इतने के बाद भी युद्ध के मैदान में भी वह निश्चित नहीं था कि वह अपने रिश्तेदारों, गुरुओं और अपने मित्रों से युद्ध करे या न करे ।।

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अगर हम भगवद चिन्तन को अपने जीवन में स्थान दें तो सकारात्मक विचारों का जन्म हमारे मस्तिष्क में निश्चित ही होगा । और उपर से हमें अपने जीवन में किसी श्रेष्ठ गुरु की शरणागति भी लेनी चाहिए जिससे समयानुसार उनके मार्गदर्शन से हम अपने लक्ष्य को निश्चित करके सफल हो सकें ।।

नारायण सभी का नित्य कल्याण करें । सभी सदा खुश एवं प्रशन्न रहें ।।

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जय जय श्री राधे ।।
जय श्रीमन्नारायण ।।

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