जो वस्तुएं हमारा नहीं उसका लोभ कैसा ?।।

जो वस्तुएं हमारा नहीं उसका लोभ कैसा ?।। Jo Vastu Hamara Nahi Uska Lobh Kaisa.

जय श्रीमन्नारायण,

मित्रों, जो वस्तुएं हमारा नहीं उसका लोभ कैसा ? इस जीव जगत में बह्म पूर्ण है । इसलिए यह जगत भी पूर्ण है । उसी पूर्ण से इस पूर्ण की उत्पत्ति हुई है । अतः हम अगर इस पूर्ण को निकाल देते है तो शेष भी पूर्ण ही बचता है ।।

Swami Dhananjay Maharaj

ईशोपनिषद में इस नश्वर जीवन के बारे में कुछ यही कहा गया है । सनातन (हिंदू) धर्म में 108 उपनिषदों के उल्लेख है । यह धर्म ग्रंथ आदिकाल में लिखे गए हैं । जिनकी बातें आज भी उतनी ही सार्थक हैं जितनी की पहले थीं ।।

ईशोपनिषद की कुछ ऐसी ही ज्ञानदायक बातों का भण्डार भरा पडा़ है । आईये कुछ बातों की चर्चा आज करते हैं । इस परिवर्तनशील संसार में सब कुछ वस्तुएं ईश्वर ने ही बनाईं हैं और इनमें ईश्वर रहता है । इसलिये जो वस्तुएं आपके पास नहीं है उसका लोभ मत करो ।।

Jo Vastu Hamara Nahi Uska Lobh Kaisa

जो लोग केवल शारीरिक बल प्रदर्शन यानी दूसरों की पीड़ा देने के लिए प्रसिद्ध हैं, जिनमें आदर्श मानवीय मार्ग को समझने की शक्ति नहीं है, वे लोग मृत्यु के बाद नर्क जाने को तैयार रहें ।।

ब्रम्ह एक है, उसमें चंचलता है, सबसे प्राचीन है, स्फूर्ति प्रदान करने वाला है और मन से भी तेज चलने वाला है । वह स्थिर रहने पर भी अन्य दौड़ते हुए से भी आगे बढ़ जाता है । मां के गर्भ में रहनेवाला जीव भी उसी ब्रह्म के आधार से अपने पूर्व में किए कर्म फल को प्राप्त होता है ।।

Jo Vastu Hamara Nahi Uska Lobh Kaisa

जो मनुष्य सभी प्राणियों के शरीरों के अंदर प्रतिष्ठित आत्मा को अनुभव कर लेता है और समस्त प्राणियों में उसी एक आत्मा का विश्वासपूर्ण अनुभव करता है, उसे किसी के प्रति भी घृणा नहीं रह जाती ।।

विद्या यानी आत्मज्ञान से आत्मा की उन्नति होती है । अविद्या से सांसारिकता प्राप्त होती है । अतः इन दोनों का फल भिन्न-भिन्न है ।।

Shrimad Bhagwat Katha

नारायण सभी का नित्य कल्याण करें । सभी सदा खुश एवं प्रशन्न रहें ।।

Sansthanam:   Swami Ji:   Swami Ji Blog:   Sansthanam Blog:   facebook Page:   My YouTube Channel:

जय जय श्री राधे ।।
जय श्रीमन्नारायण ।।

Sevashram Sansthan Silvassa

Contact to "LOK KALYAN MISSION CHARITABLE TRUST" to organize Shreemad Bhagwat Katha, Free Bhagwat Katha, Satsang. in your area. you can also book online.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *