दान के छः अंग ।। Six parts of donation.

दान के छः अंग ।।  Six parts of donation

दाता प्रतिगृहीता च शुद्धिर्देयं च धर्मयुक् ।
देशकालौ च दानानामङ्गन्येतानि षड् विदुः ।।

अर्थ:- दाता (दान देने वाला), दान लेनेवाला (सुपात्र), पावित्र्य (शुद्ध भावना से), देय वस्तु (क्या किसको दे रहे हैं), देश (किस स्थान पर दे रहे हैं), और काल (किस समय दे रहे हैं) – ये छ: दान के अंग हैं ।।

 

दान के छः अंग ।। Six parts of donation.

दान के छः अंग ।। Six parts of donation.

Sevashram Sansthan Silvassa

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