खुद के आँकलन का नजरिया भी खुद का ही होना चाहिये ।।

खुद के आँकलन का नजरिया भी खुद का ही होना चाहिये ।। Swayam Ko Swayam ke Hi Najariye Se Dekhna Sikhe.

जय श्रीमन्नारायण,

मित्रों, हम खुद को किस तरह देखें और खुद का मूल्यांकन किस तरह करें इसका विचार हमें अपने आसपास के लोगों से मिलता है ।।

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लेकिन हम पूरी तरह प्रयत्न करने के बाद भी उनके विचारों के अनुरूप नहीं चल पाते हैं । और अगर चलें भी तो आप कभी पूरी तरह अपने मन का काम नहीं कर पाएंगे ।।

मित्रों, ऐसे में हमेशा दुसरे के विचारों के अनुरूप बने रहने का दबाव हम पर बना रहता है । इस स्थिति में इन्सान हमेशा खुद को कम आंकते रह जायेंगे ।।

Bhagwat Katha Vachak Swami ji

इसलिए किसी की भी नकारात्मक प्रतिक्रिया या नकारात्मक विचार के आधार पर खुद के आकलन से बचना चाहिये ।।

इसलिये मेरा विचार है, कि दूसरों को सुनें लेकिन खुद के आँकलन का नजरिया भी खुद का ही हो तो इन्सान अपनी ऊर्जा को भी बचा पायेगा और सही दिशा में आगे भी बढ़ पायेंगे ।।

Shrimad Bhagwat Katha

नारायण सभी का नित्य कल्याण करें । सभी सदा खुश एवं प्रशन्न रहें ।।

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जय जय श्री राधे ।।
जय श्रीमन्नारायण ।।

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