सत्कर्म से ही परमात्म प्राप्ति संभव हो सकता है ।।

सत्कर्म से ही परमात्म प्राप्ति संभव हो सकता है ।। Satkarm Se Paramatma Ki Prapti Sambhav Hai. मित्रों, जय श्रीमन्नारायण,

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सत्कर्म से ही परमात्म प्राप्ति संभव भाग-२।।

सत्कर्म से ही परमात्म प्राप्ति संभव ।। Satkarm Se Paramatma Ki Prapti Sambhav. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, महाभारत का युद्ध शुरू

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आपका अपना भविष्य आपके अपने हाथों में होता है ।।

आपका अपना भविष्य आपके अपने हाथों में होता है ।। Apana Bhavishy Apane Hatho Me Hota Hai. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों,

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खुद के आँकलन का नजरिया भी खुद का ही होना चाहिये ।।

खुद के आँकलन का नजरिया भी खुद का ही होना चाहिये ।। Swayam Ko Swayam ke Hi Najariye Se Dekhna

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हर व्यक्ति का अपना-अपना अलग स्तर होता है ।।

हर व्यक्ति का अपना-अपना अलग स्तर होता है ।। SabaKa Apna Alag Tallent hota hai. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, अगर आपको

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स्वयं को मूल्यहीन कदापि न समझें ।।

स्वयं को मूल्यहीन कदापि न समझें ।। Apne Aap Ko Kabhi Mulyahin Na Samajhen. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, कई लोग कई मौकों

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ईश्वर चिंतन सकारात्मक सोंच एवं निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है ।।

ईश्वर चिंतन सकारात्मक सोंच एवं निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है ।। Ishvar Chintan Safalata Ki Sonch Pradan Karati

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चिंता ‘चिता’ समान है और चिंतन ‘अमृत’ सामान ।।

चिंता ‘चिता’ समान है और चिंतन ‘अमृत’ सामान ।। Chinta Chita And Chintan Amrit Saman Hai. जय श्रीमन्नारायण, मित्रों, आयुर्वेद

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