ब्रह्मादि देवों द्वारा गोलोक धाम का दर्शन – गोलोक खण्ड : अध्याय 2 – गर्ग संहिता ।।

ब्रह्मादि देवों द्वारा गोलोक धाम का दर्शन – गोलोक खण्ड : अध्याय 2 – गर्ग संहिता ।। devo dwara golok dham

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श्रीअन्नपूर्णास्तोत्रम् या अन्नपूर्णाष्टकम् ॥

नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौन्दर्यरत्नाकरी निर्धूताखिलघोरपावनकरी प्रत्यक्षमाहेश्वरी । प्रालेयाचलवंशपावनकरी काशीपुराधीश्वरी भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी ॥ १॥ नानारत्नविचित्रभूषणकरी हेमाम्बराडम्बरी मुक्ताहारविलम्बमान विलसत् वक्षोजकुम्भान्तरी ।

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